100+ Best Kumar Vishwas Shayari | कुमार विश्वास शायरी 2026

Kumar Vishwas Shayari

Kumar Vishwas Shayari हिंदी साहित्य और आधुनिक काव्य जगत में अपनी अलग पहचान रखती है। अपने अनोखे अंदाज़, गहरी भावनाओं और दिल को छू लेने वाले शब्दों के कारण डॉ. कुमार विश्वास की शायरी लाखों लोगों के दिलों में खास जगह बना चुकी है। चाहे बात प्रेम की हो, विरह की, प्रेरणा की या जीवन के संघर्षों की, उनकी हर शायरी भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करती है।

अगर आप Kumar Vishwas Shayari in Hindi, Kumar Vishwas Shayari Love, Motivational Kumar Vishwas Shayari या उनकी लोकप्रिय कविताओं की तलाश में हैं, तो यहाँ आपको बेहतरीन और चुनिंदा शायरियों का संग्रह मिलेगा। कुमार विश्वास के शब्द न केवल दिल को सुकून देते हैं, बल्कि जीवन को नई सोच और सकारात्मक ऊर्जा से भी भर देते हैं।

Kumar Vishwas Shayari

Kumar Vishwas Shayari
Kumar Vishwas Shayari Status
कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है
लो हमने देख ली दुनिया, जो इतनी खुबसूरत है
जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है
तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है !!
छू गया जब कभी खयाल तेरा
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा
कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया था घर में
और घर देर तक महकता रहा !!
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझाता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
मै तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
तू मेरा नहीं फिर भी मेरा ही लगता है
तेरा ज़िक्र हर सांस में पलता है
कुछ प्रेम अधूरे ही खूबसूरत होते हैं
शायद इसी का नाम सच्चा इश्क़ कहलाता है !!
ये तेरी बेरुख़ी की हम से आदत ख़ास टूटेगी
कोई दरिया न ये समझे कि मेरी प्यास टूटेगी
तेरे वादे का तू जाने मेरा वो ही इरादा है
कि जिस दिन साँस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी !!

Kumar Vishwas Shayari in Hindi

Kumar Vishwas Shayari in Hindi
Kumar Vishwas Shayari Hindi
तेरी आँखों में जो देखा, वो असर कर गया
दिल कुछ कहने ही वाला था, मगर डर गया
तू मुस्कुरा के चली गई कुछ यूँ,
जैसे कोई ख़्वाब हक़ीक़त में उतर गया !!
तुम्हारे बाद किसी और की ख्वाहिश नहीं रही
दिल ने अब कोई और फरमाइश नहीं कही
तुमसे शुरू होकर तुम पर खत्म हो जाऊँ
इस मोहब्बत की इससे बेहतर परिभाषा नहीं रही !!
हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है !!
कभी रूठ जाओ तो मना लेंगे
कभी थक जाओ तो संभाल लेंगे
बस यूँ ही साथ निभाना तुम
हम हर हाल में तुमसे प्यार कर लेंगे !!
एक दो दिन में वो इकरार कहाँ आएगा
हर सुबह एक ही अखबार कहाँ आएगा
आज जो बाँधा है इनमें तो बहल जायेंगे
‪रोज़ इन बाँहों का त्यौहार कहाँ आएगा !!

Motivational Kumar Vishwas Shayari

Motivational Kumar Vishwas Shayari
Heart Touching Motivational Kumar Vishwas Shayari
हौसलों की उड़ान रख, मंज़िलें खुद पास आएंगी
राहों में मुश्किलें होंगी, मगर मुस्कान बनाए रख
जो थम गया वो हार गया, जो चल पड़ा वो जीत गया
ज़िंदगी उसी की है, अपने सपनों पे यक़ीन रख !!
मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है !!
तू अगर खुद पे यक़ीन रखे तो किस्मत भी झुकेगी
तेरे इरादों की लौ से हर मुश्किल सुलगेगी
रात चाहे कितनी लंबी हो, सवेरा ज़रूर आएगा
जो जलता है मेहनत से, वो ही जगमगाएगा !!
चल पड़े हैं तो मंज़िल मिल ही जाएगी
रास्तों की धूल भी एक दिन चमक जाएगी
थक कर बैठना नहीं, बस बढ़ते जाना है
कदमों की लय ही तेरी पहचान बन जाएगी !!
जो ठोकरों से नहीं डरते, वही इतिहास बनाते हैं
गिरकर फिर उठने वाले ही मंज़िल को पाते हैं !!

Rishte Kumar Vishwas Shayari

Rishte Kumar Vishwas Shayari
रिश्ते तो वो आईना हैं, जो सच दिखा जाते हैं
कभी आँसू बनके, कभी हँसी दे जाते हैं
निभाने वाले तो आज भी जान लुटा देते हैं
बस कुछ लोग मतलब के मौसम में बदल जाते हैं !!
हर रिश्ता मोहब्बत की निशानी होता है
कभी दर्द, कभी कहानी होता है
जो समर्पण से सींचा जाए सच्चे मन से
वही रिश्ता इंसान की असली जवानी होता है !!
रिश्ते वही अच्छे जो दिल से निभाए जाएँ
न कि मतलब के वक्त काम आएँ
कुमार विश्वास के लफ़्ज़ों में बस इतना कह दूँ
सच्चे रिश्ते तो वक़्त की कसौटी पे भी मुस्कुराएँ !!
हमने चाहा था कि वो उम्र भर साथ चले
पर कुछ रिश्ते मुक़द्दर से आगे नहीं चले
फिर भी दिल ने उसे दुआओं में रखा
जो पास न होकर भी दिल से दूर न चले !!
वो जिसका तीर चुपके से जिगर के पार होता हैं
वो कोई गैर क्या अपना ही रिश्तेदार होता हैं
किसी से अपने दिल की बात तू कहना ना भूले से
यहाँ ख़त भी थोड़ी देर में अखबार होता हैं !!

Kumar Vishwas Shayari 2 Line

Kumar Vishwas Shayari 2 Line
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है
मगर दिल की मोहब्बत को कौन यहाँ समझता है !!
मोहब्बत एक एहसास है, सौदा नहीं किया जाता
जो टूट जाए हालात से, वो रिश्ता नहीं किया जाता !!
जो दिल से साथ चलते हैं, वो रिश्ते खास होते हैं
वक़्त बदल जाए चाहे, वो हमेशा पास होते हैं !!
मोहब्बत एक खुशबू है, हवाओं में बिखरती है
ये वो दौलत है जो बाँटने से और निखरती है !!
रिश्ते खून से ही नहीं, एहसास से भी बनते हैं
कुछ लोग अजनबी होकर भी अपने लगते हैं !!

Kumar Vishwas Shayari Lyrics

Kumar Vishwas Shayari Lyrics
Kumar Vishwas Shayari in Hindi Lyrics
हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते
मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते
जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो
जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते !!
मैं तुम्हें पाना नहीं, तुम्हें चाहना चाहता हूँ
हर जन्म में बस तुम्हें अपनाना चाहता हूँ
मेरी खामोशियों की वजह हो तुम
और मैं उम्रभर वही वजह निभाना चाहता हूँ !!
तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ !!
जिसे अपना समझा था, वही दूर हो गया
दिल का सबसे हसीं सपना चकनाचूर हो गया
हम मुस्कुराते रहे दुनिया की ख़ातिर मगर
अंदर का हर एक एहसास मजबूर हो गया !!
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूबकर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का
मैं किस्से को हकीकत में बदल बैठा तो हंगामा !!

Kumar Vishwas Shayari Love

Kumar Vishwas Shayari Love
तेरी यादें किताबों सी संभाल रखी हैं
हर पन्ने में तेरी ही बातें उकेर रखी हैं
तू मिले या न मिले ये मुक़द्दर की बात है
पर मोहब्बत मैंने आज भी बेहिसाब रखी है !!
ज़ख्म भर जाएंगे तुम मिलो तो सही
दिन सँवर जाएंगे तुम मिलो तो सही
रास्ते में खड़े दो अधूरे सपने
एक घर जाएंगे तुम मिलो तो सही !!
मैंने खुद को खोया है तुझको पाने में
और सुकून पाया है खुद को मिटाने में
अगर यही मोहब्बत है तो मंज़ूर है
ज़िंदगी गुजर जाए बस तुझे चाहने में !!
मोहब्बत एक अहसासों की, पावन सी कहानी है
कभी कबिरा दीवाना था, कभी मीरा दीवानी है
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!
मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करती है
भरी महफ़िल में भी, रुसवा हर बार करती है
यकीं है सारी दुनिया को, खफा है हमसे वो लेकिन
मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करती है !!

Dr Kumar Vishwas Shayari

Dr Kumar Vishwas Shayari
उसी की तरह मुझे सारा जमाना चाहे
वह मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे
मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा
यह मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे !!
जिंदगी से लड़ा हूँ तुम्हारे बिना
हाशिए पर पड़ा हूँ तुम्हारे बिना
तुम गई छोड़कर, जिस जगह मोड़ पर
मैं वहीं पर खड़ा हूँ तुम्हारे बिना !!
जो किए ही नहीं कभी मैंने
वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं
मुझसे फिर बात कर रही है वो
फिर से बातों मे आ रहा हूँ मैं !!
पुराने दोस्त जमे हैं मुंडेर पर छत की
ये शाम रात से पहले ढली-ढली सी लगे
तुम्हारा ज़िक्र मिला है नरम हवा के हाथ
हमें ये जाड़े की आमद भली-भली सी लगे !!
सालों बीत जाते हैं तिनका तिनका सिमटने में
तब कहीं जाकर हो पाते हैं घोंसले मयस्सर
कमियां नहीं पैदा कर पाती दूरियां कभी सीमा
बस खुदगर्जी की चिंगारी ही हवा दे जाती है अक्सर !!

Dard Kumar Vishwas Shayari

Dard Kumar Vishwas Shayari
मैंने हर दर्द हँसकर सहना सीख लिया
अपनी खामोशी में सब कुछ कहना सीख लिया
वो समझ ही न सके मेरी उदासी कभी
और मैंने अकेले रहना सीख लिया !!
बात करनी है बात कौन करे
दर्द से दो-दो हाथ कौन करे
हम सितारे तुम्हें बुलाते हैं
चांद ना हो तो रात कौन करे !!
तेरे बिना भी तुझे चाहना आ गया
हर अधूरे ख़्वाब को निभाना आ गया
इश्क़ ने इतना सादा बना दिया मुझे
कि दर्द को भी मुस्कुरा कर सहना आ गया !!
तुम्हें भूलने की कोशिश में उम्र गुज़र गई
हर एक याद दिल में और गहरी उतर गई
सोचा था वक़्त भर देगा ज़ख्मों की दरारें
मगर तेरी कमी हर दिन नई होकर उभर गई !!
कहीं पर जग लिए तुम बिन, कहीं पर सो लिए तुम
बिन भरी महफिल में भी अक्सर, अकेले हो लिए तुम
बिन ये पिछले चंद वर्षों की कमाई साथ है अपने कभी
तो हंस लिए तुम बिन, कभी तो रो लिए तुम बिन !!

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *